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गेहूँ की फसल जब 50 से 80 दिन के बीच की होती है, तो यह समय पैदावार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस अवस्था में फसल या तो गबोट (बालियां निकलने की स्थिति) में होती है या दूसरी-तीसरी सिंचाई पर। अधिक पैदावार और लंबी बालियों के लिए सही खाद और उर्वरकों का प्रयोग अनिवार्य है। यदि आपकी फसल में पीलापन दिख रहा है, तो 1 किलो यूरिया, आधा किलो जिंक (33%), 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट, आधा किलो मैंगनीज सल्फेट और आधा किलो फेरस सल्फेट का घोल बनाकर 180-200 लीटर पानी में स्प्रे करें। यह फोलियर स्प्रे मिट्टी के माध्यम से दिए गए खाद की तुलना में अधिक प्रभावी होता है और क्लोरोफिल बढ़ाकर पीलापन दूर करता है।

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